
रात के बारह बज चुके थे। घर के सारे कमरे शांत हो चुके थे और चारों तरफ एक गहरी खामोशी छाई हुई थी। बेडरूम की हल्की पीली रोशनी में अफसाना अपने ड्रेसिंग टेबल के सामने खड़ी होकर अपने बाल सुलझा रही थी। उसकी शादी को कुछ ही महीने हुए थे, और इन चंद महीनों में अव्यान और अफसाना के बीच का रिश्ता बहुत ही गहरा और जुनूनी बन चुका था।
अव्यान बिस्तर पर लेटा हुआ था और एक हाथ से अपने सिर को सहलाते हुए अफसाना को निहार रहा था। अफसाना ने आज एक बेहद खूबसूरत और हल्की सिल्क की नाईटटी पहनी हुई थी, जो उसके बदन के कर्व्स को बहुत ही खूबसूरती से बयां कर रही थी।





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